अपनी बेइज्जती का प्रहार बड़ी इज्जत से कीजिए, सामने वाले का भी सिर झुक जायेगा

इज्जत दूकानों पर नही मिलती जो हम खरीद ले, इज्जत को कमानी पड़ती हैं। इज्जत को गवाने के बाद व्यक्ति उसे दूबारा नही कमा सकता हैं। पैसे को आप एक बार गवाने के बाद दूबारा कमा सकते हो

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इज्जत दूकानों पर नही मिलती जो हम खरीद ले, इज्जत को कमानी पड़ती हैं। इज्जत को गवाने के बाद व्यक्ति उसे दूबारा नही कमा सकता हैं। पैसे को आप एक बार गवाने के बाद दूबारा कमा सकते हो, पर इज्जत को दूवारा नही कमा सकते हो। एक बार इज्जत पाने में सात पीढ़ी खप जाती है लेकिन गवाने में कुछ ही पल लगते हैं। अगर व्यक्ति समझे तो इज्जत से बड़ी कोई चीज नही हैं।

व्यक्ति का जो खो गया है उसके बारे में सोचकर कभी अपना समय बर्बाद ना करें। आगे क्या पाना इसके बारे में सोचकर आगे का कार्य शुरू करना ही जिंदगी को नई दिशा देेने हैं। कल के लिए बैठकर रोओगे तो हमेशा रोते ही रह जाओगे। जो कल हुआ इसमें आज को बर्बाद मत करो, जो आज करना है इसमें समय लगाओ, आपकी उन्नति होगी, तरक्की होगी, इज्जत मिलेगी।

कहा जाता है कि समय के साथ सब कुछ बदल जाता है लेकिन शब्दो के घाव कभी नही बरते, इसलिए आज आप किसी को इज्जत दोगे तो कल आप इज्जत पाओगे। अगर आपकी कोई बेइज्जती करता है तो उससे आप लडाई जगड़ा मत करो लेकिन आप काबिल बनने उसे बता दो कि तुम इज्जत न करते हो तो क्या हुआ मेरी इज्जत तो दुनिया करती हैं।

अगर आप सही हो तो कभी किसी को सफाई देने की जरूरत नही हैं। समाज से जुड़े रहने का नाम ही इज्जत हैं। पहले विकास खुद का करो फिर गांव का करो फिर तहसील का करो और फिर राज्य का करो तो फिर देश का विकास अपने आप होगा, हमेशा याद रखना देश का विकास भी आपकी इज्जत हैं।

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