इस इंसान को फांसी देने के बाद भी रखा गया था जिंदा

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जयपुर,  दुनिया के अंदर फांसी देने के बाद किसी व्यक्ति के जिंदा रहने कि सम्भावना नहीं रह जाती है लेकिन इसके बावजूद भी एक आदमी ऐसा देखा गया जिसको कि फांसी देने के 2 घंटे बाद भी जीवित देखा गया। हम बताते है ये बात है दिल्ली के अंदर तिहाड जेल कि जिसमें कि दो कैदियो को एक साथ फांसी की सजा दि गई उन कैदियो के नाम थे रंगा व बिल्ला । फांसी देने के बाद में बिल्ला कि तो कुछ समय बाद ​ही मृत्यु हो गई थी लेकिन जब बिल्ला को देखा गया तो उसकी नाडीयां चल रही थी जिसको देखकर सभी लोग आश्चर्यजकित हो उठे और उनके द्वारा देखा गया उनके जीवन में यह पहला नजारा था। रंगा और बिल्ला को इसलिए दी गई थी सजा क्योंकि एक गीता नाम की युवती जिसकी उम्र 16 वर्ष व उसका एक छोटा भाई जिसकी उम्र 14 वर्ष थी वे एक कार्यक्रम में जा रहे थे वहां पहुंचने के लिए इन दोनो भाईयो ने एक गाडी से लिफ्ट ली उन गाडियों को चलाने वाले ये दोनो रंगा व बिल्ला ही थे इनहोने संजय का मर्डर कर दिया व उसकी बहन का रेप करके उसको भी मौत के घाट उतार दिया यह दोनो बच्चे एक नेवी अफसर के थे  पुलिस ने भी  इन दोनो बच्चो को ढूढने में पूरी मदद की बाद में पुलिस द्वारा रंगा व बिल्ला को ढूंढ लीया गया और पूरी बात का पता चलने के बाद इनको जेल में बंद कर दिया गया व  7, अप्रैल, 1979 को इन दोनो को फांसी कि सजा सुनाई गई व र 31 जनवरी 1982 दिल्ली तिहाड में फांसी दे दी गई।

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