इस युवक ने बनाया ऑटोरिक्शा में घर, देखने में लगता है आलिशान

0
2

एक छोटा सा घर और एक ऑटो रिक्शा पर भी। विश्वास नहीं कर सकता? तो एक नजर इन तस्वीरों पर। क्योंकि इस ऑटो रिक्शा के 36 वर्ग फीट स्थान में न केवल बेडरूम, लिविंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथटब और कार्यक्षेत्र है, बल्कि पानी के लिए 250 लीटर पानी की टंकी, 600 वॉटर सोलर पैनल, बैटरी, अलमारी, बाहर कपड़े सुखाने के लिए हैंगर, दरवाजे और सीडी भी हैं। वे भी हैं। इसका नाम ‘सोलो 0.1’ है, जिसे चेन्नई के 23 वर्षीय अरुण प्रभु ने सिर्फ एक लाख रुपये में बनाया था।

‘द बेटर इंडिया’ के मुताबिक, साल 2019 में अरुण मुंबई और चेन्नई के स्लम इलाकों में रिसर्च कर रहे थे। जहां उन्होंने देखा कि एक झोपड़ी बनाने में लगभग 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा भी नहीं है। इसलिए उन्होंने केवल 1 लाख रुपये में ‘सोलो 0.1’ बनाकर एक समस्या को हल किया।

 

अरुण सोलर बैटरी से लैस-सोलो 0.1 ’के पुराने तिपहिया वाहनों और पुनर्नवीनीकरण वस्तुओं से बना है। अरुण का मानना ​​है कि 1 लाख रुपये की लागत से बना यह घर दो वयस्कों के लिए है। इसे बनाने में 5 महीने का समय लगता है। इसका उद्देश्य कम लागत पर मजदूरों, बेघर और छोटे दुकानदारों को एक अस्थायी घर उपलब्ध कराना है।

 

आपको बता दें कि अरुण तमिलनाडु के नमक्कल के परम से वेल्लोर का निवासी है। उन्होंने बजाज आई थ्री-व्हीलर पिकअप को एक घर में बदल दिया और ‘कॉन्सेप्ट होम ऑन व्हील्स प्रोजेक्ट’ को एक वास्तविकता बना दिया। उन्होंने बिलबोर्ड, एक बैंगलोर-आधारित डिज़ाइन और आर्किटेक्ट फर्म के साथ मिलकर सुंदर वस्तुओं का निर्माण किया है, जिसे जनता कभी प्रशंसा करते नहीं थकती।

Use your ← → (arrow) keys to browse

Click Here to Share This on Whatsapp

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY